हिमाचल के पहाड़ चढ़ने की तैयारी में आम आदमी

अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान बजाएंगे चुनावी बिगुल, कई बड़े नेता थाम सकते हैं पार्टी का दामन हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में आज आम आदमी पार्टी (AAP) का रोड शो है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के CM भगवंत मान इसके जरिए हिमाचल में आगामी विधानसभा और MC शिमला चुनाव का बिगुल बजाएंगे

हिमाचल के पहाड़ चढ़ने की तैयारी में आम आदमी

अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान बजाएंगे चुनावी बिगुल, कई बड़े नेता थाम सकते हैं पार्टी का दामन
 हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में आज आम आदमी पार्टी (AAP) का रोड शो है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के CM भगवंत मान इसके जरिए हिमाचल में आगामी विधानसभा और MC शिमला चुनाव का बिगुल बजाएंगे। AAP के इस रोड शो पर हिमाचल के साथ-साथ पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल दिल्ली व पंजाब के अलावा अन्य राज्यों में भी पार्टी के विसालता  का घोषणा कर चुके हैं।

 मंडी के विक्टोरिया पुल से पड्डल मैदान तक होने वाले इस रोड शो को लेकर तैयारी पूरी है। रोड शो के लिए प्रदेशभर से कार्यकर्ता मंडी पहुंचने गए हैं
 AAP की बढ़ती गतिविधियों के कारण कांग्रेस और भाजपा में भी अंदरखाते हलचल मच गई है। मुख्यमंत्री के गृह जिले में होने वाले रोड शो में दोनों पार्टियों के कई बड़े चेहरों के छिटकने की चर्चा है। चर्चा इस बात की भी है कि जयराम कैबिनेट से एक मंत्री भी CM चेहरा बनाने की शर्त पर अरविंद केजरीवाल के संपर्क में हैं।

वहीं, हाशिए पर चल रहे मंडी के अनिल शर्मा, कुल्लू से महेश्वर सिंह, अर्की से गोविंद शर्मा, बंजार से प्रथम मंत्री खीमी राम, जुब्बल कोटखाई से चेतन बरागटा और कांग्रेस के मेजर विजय सिंह मनकोटिया के भी AAP में जुड़ने की चर्चा हैं। इनमें से कौन नेता AAP में आज जुड़ता है या सियासी रूख का इंतजार करता है, यह दोपहर तक स्पष्ट हो जाएगा। आज का रोड शो तय करेगा AAP का भविष्य

AAP पार्टी हिमाचल में तीसरे संदेह  के तौर पर उकसाना चाह रही है। हालांकि अब तक तीसरे विकल्प के तौर पर कई दलों ने उभरने की कोशिश की है, लेकिन कोई भी दल पहाड़ की चढ़ाई नहीं चढ़ पाया है। अब देखना होगा कि AAP का झाड़ू पहाड़ चढ़ने में कितना कामयाब रहता है। आज की रैली से AAP की दशा और दिशा लगभग तय हो जाएग गारंटियों की झड़ी लगा सकते हैं केजरीवाल।
 इस दौरान उन्होंने समझा है कि प्रदेश की जनता आखिर क्या चाह रही है। हिमाचल में यह हो सकती हैं AAP की वापसी।

• पर्यटन और बागवानी का राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 12 प्रति‍शत से अधिक का योगदान। दोनों पर राज्य के 4 लाख से ज्यादा परिवारों की रोजी-रोटी निर्भर है।

• एक दशक से राज्य में कोई भी नया पर्यटन स्थल विकसित नहीं हुआ है। हिमाचल में चांसल जैसे असंख्य पर्यटन स्थल हैं, जिनकी तुलना स्विटजरलैंड से होती है।
दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन ज्यादा समय
से हिमाचल के राजनीतिक गणित को समझने और
लोगों की नब्ज टटोलने में लगे हुए हैं। इस दौरान उन्होंने
समझा है कि प्रदेश की जनता आखिर क्या चाह रही है।
हिमाचल में यह हो सकती हैं AAP की वापसी

• एक दशक से राज्य में कोई भी नया पर्यटन स्थल विकसित नहीं हुआ है। हिमाचल में चांसल जैसे असंख्य पर्यटन स्थल हैं, जिनकी तुलना स्विटजरलैंड से होती है।पहाड़ी राज्य के लोगों को सीधे अपने साथ जोड़ने के लिए AAP अपनी गारंटी के तहत नए पर्यटन स्थल और बागवानी को प्रफुल्ल करने के लिए ऐलान कर सकती है।

• हिमाचल प्रदेश हाइड्रो प्रोजेक्टों के कारण देश में बड़ा विद्युत उत्पादक राज्य है। ऐसे में मुफ्त बिजली को लेकर केजरीवाल बड़ी घोषणा कर सकते हैं ।

पंजाब में सरकार गठन के बाद आम आदमी पार्टीउत्साहित है। इसलिए पड़ोसी राज्य हिमाचल में धमाकेदार एंट्री के लिए प्लानिंग कर रही है।