हैप्पी बर्थडे CM योगी आदित्यनाथ :- 50 साल के हुए सीएम योगी आदित्यनाथ जी ,

हैप्पी बर्थडे CM योगी आदित्यनाथ :- 50 साल के हुए सीएम योगी आदित्यनाथ जी , मां की बात मानी होती तो नोकरी करते , गुरुजी की बात मानी इसलिए CM बने।

हैप्पी बर्थडे CM योगी आदित्यनाथ :-  50 साल के हुए सीएम योगी आदित्यनाथ जी ,

हैप्पी बर्थडे CM योगी आदित्यनाथ :- 

50 साल के हुए सीएम योगी आदित्यनाथ जी , मां की बात मानी होती तो नोकरी करते , गुरुजी की बात मानी इसलिए CM बने।

योगी आदित्यनाथ जी 50 साल के हो गए हैं। जब उनकी उम्र 20 साल की थी। तब वे न तो सांसद बनना चाहते थे, ओर न ही मुख्यमंत्री। माता पिता तो यह चाहते थे। की बेटा msc करके अच्छी कोई नोकरी करे। टाइम में योगी जी के बहनोई चाहते थे कि वह वामपंथी बने। लेकिन योगी जी को गुरू अवेधनाथ  मिले और उनके कहने पर योगी जी आज मुख्यमंत्री के पद पर है।

12वी तक पढ़ाई करने के लिए तीन स्कूल बदले :

महंत गुरु बनने से पहले योगी जी का नाम अजय बिष्ट था। इनका जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड में पोड़ी गड़वाल जिले के पंचूर गांव में हुआ। उन्होंने ठांगर के प्राइमरी स्कूल में आठवीं तक पढ़ाई की। ओर वे इंटर की पढ़ाई के लिए ऋषिकेश गए। ओर बाकी की पढ़ाई इंटर कॉलेज से सम्पूर्ण की।
 और उन्होंने कॉलेज में मैथ सब्जेक्ट चुनाव और बीएससी फिजिक्स केमिस्ट्री की पढ़ाई कंप्लीट की। पढ़ाई के साथ साथ वह कॉलेज की छात्र राजनीति में उतर गए। 

AVBP के खिलाब :

योगी जी ने कॉलेज में एबीवीपी ज्वाइन कर लिया। प्रमोद रावत का बहुत बड़ा योगदान था। अगले ही साल उन्होंने AVBP का चुनाव लड़ा लेकिन जीत नहीं पाए।

मां चाहती थी पढ़े-लिखे कर कोई नौकरी करें: -

अजय विष्ट यानि योगी नाथ जी की मा चाहती थी। कि आपका बेटा पढ़ लिख कर अच्छी नौकरी करें। कि मैं चाहती थी कि उनका बेटा पहले बीएससी करें उसके बाद एमएससी करके और अच्छी सी नौकरी करें। लेकिन योगी जी ने उनकी मां की एक भी ना सुनी और आज मुख्यमंत्री के पद पर है। लेकिन योगी आदित्यनाथ ने अपने शरीर पर भगवा रंग धारण कर लिया उनकी माता इन्हें देख कर रोने लगी।

वजह बना राम मंदिर-

शांतुन गुप्ता योगिगाथा में लिखते हैं की  ऋषि केश में अजय विष्ट m.sc की पढ़ाई कर रहे थे। लेकिन श्री राम मंदिर निर्माण कार्य के कारण अपनी शिक्षा के भटक गए। ओर फिर 1993 में गोरखपुर के मंदिर में आए। ओर महंत अवैध नाथ से मिले। ओर कुछ दिन तक गोरखपुर में रुकने के बाद योगी जी वापस चले गए। उसी साल जुलाई में अवेध नाथ बीमार हो गए थे। उन्हे दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। योगी को जानकारी मिली तो बह देखने पहुंच गए।

महंत अवैध नाथ की मृत्यु के बाद योगी आदित्यनाथ जी को गोरखपुर मंदिर का मुख्य पुजारी घोषित किया गया। उसके बाद योगी जी ने मठ की जिम्मेदारी के बाद संसद में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।


5 बार लगातार सांसद बने:-

गोरखपुर से पहली बार 1998 में योगी जी पहली बार सांसद बने। उसके बाद फिर से 1999 में सांसद का चुनाव लड़ा और जीत गए । उसके बाद 2004 , 2009 और 2014 ऐसे ही 5 बार लगातार गोरखपुर से सांसद बने रहे ।
2017 में बीजेपी सरकार का पूर्ण बहुमत मिला। तो बीजेपी सरकार ने योगी आदित्यनाथ को चुनाव और उन्हें सीएम बना दिया। इतना स्नेह लोकसभा से इस्तीफा लिया और विधान परिषद में शामिल हुए। योगी आदित्यनाथ ने 2022 में भी यूपी में बीजेपी से जीत हासिल की और सत्ता पर बनी रहे।